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Bihar Weather News: बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी, 20 से 25 अगस्त तक बिगड़ा रहेगा मौसम।

पटना, 19 अगस्त। बिहार में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क किया है। 19 अगस्त के मौसम अपडेट में बिहार के लिए भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी दर्ज की गई है, जबकि आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई गई है। 

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी बिहार के कई जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज के अलावा बक्सर, भोजपुर, कैमूर, अरवल, रोहतास और औरंगाबाद में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

राजधानी पटना समेत आसपास के जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। आसमान में दिनभर बादल छाए रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में अचानक तेज बौछार पड़ सकती है। गरज-चमक के दौरान वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।

बंगाल की खाड़ी की गतिविधि का असर

मौसम में आए इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के आसपास बनी मौसम प्रणाली को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी गतिविधियों के कारण बिहार सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का संकेत दिया गया है। 

बारिश की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इससे पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि, लगातार तेज बारिश वाले इलाकों में जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की समस्या भी सामने आ सकती है।

पिछले 24 घंटे में कई जिलों में बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान पटना, गया, औरंगाबाद और भोजपुर समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। गया में 122 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। औरंगाबाद में करीब 70.4 मिलीमीटर, पटना में 64 मिलीमीटर और भोजपुर में लगभग 61 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तेज बारिश के कारण कई शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, बारिश के कारण तापमान में कमी आने से उमस से राहत मिली।

20 अगस्त से और बढ़ेगी बारिश की गतिविधि

मौसम विभाग के अनुसार 20 अगस्त से बिहार में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। पटना, नालंदा, गया, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, आरा और बक्सर सहित कई दक्षिणी जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात की आशंका रहेगी।

21 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 22 और 23 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनने का पूर्वानुमान है। IMD के ताजा बिहार चेतावनी बुलेटिन में 21, 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है। 

मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमान में बिहार में 20 से 25 अगस्त के बीच बारिश का दौर सक्रिय रहने और 22-23 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। 

बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद

इस मानसून सीजन में बिहार के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हुई है। अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने से बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, बारिश का वितरण सभी जिलों में एक समान नहीं रहेगा। कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे क्षेत्रों में हल्की या मध्यम बारिश ही होने की संभावना रहेगी।

किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां खेतों में पर्याप्त नमी की कमी बनी हुई थी। लेकिन लगातार भारी बारिश होने पर जलभराव, फसल नुकसान और ग्रामीण सड़कों पर आवागमन की समस्या भी पैदा हो सकती है।

वज्रपात को लेकर विशेष सावधानी जरूरी

बारिश के साथ सबसे बड़ा खतरा वज्रपात का रहेगा। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत, तालाब, नदी और ऊंचे पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए। आंधी या गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित पक्के भवन में रहना ज्यादा सुरक्षित है।

बिजली चमकने के दौरान मोबाइल टावर, बिजली के खंभे, अकेले खड़े पेड़ और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे लोगों को मौसम बिगड़ते ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की जरूरत है।

IMD के अनुसार 19 अगस्त से 23 अगस्त के बीच बिहार में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इसलिए जिलों के स्थानीय मौसम अपडेट पर भी नजर रखना जरूरी है। 

पटना समेत शहरों में जलजमाव की चुनौती

तेज बारिश का असर शहरों में भी दिखाई दे सकता है। पटना सहित बड़े शहरों के निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। सड़कों पर जलजमाव होने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना बेहतर होगा। यदि जरूरी काम से बाहर निकलना पड़े तो मौसम की ताजा स्थिति देखकर ही यात्रा करें। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को तेज हवा और जलजमाव वाले रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

फिलहाल बिहार में मानसून की सक्रियता बढ़ने से मौसम का मिजाज अगले कई दिनों तक बदला हुआ रहने वाला है। 20 से 25 अगस्त के बीच बारिश का दौर जारी रहने की संभावना के बीच प्रशासन और आम लोगों को स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी होगी। आने वाले दो-तीन दिन खास तौर पर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि 21 से 23 अगस्त के दौरान भारी बारिश के साथ वज्रपात की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 

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मौसम पर विशेष टिप्पणी

बारिश राहत भी, चुनौती भी

बिहार में मानसून की सक्रियता किसानों और गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से सामान्य से कम बारिश के कारण कई क्षेत्रों में मौसम का संतुलन प्रभावित था। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और तापमान में भी कमी आ सकती है।

लेकिन भारी बारिश को केवल राहत के रूप में देखना सही नहीं होगा। शहरों में जलनिकासी की व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति और वज्रपात से सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। खासकर 20 से 25 अगस्त के बीच जब मौसम विभाग ने बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है, तब स्थानीय प्रशासन को जलजमाव वाले इलाकों पर नजर रखनी चाहिए।

आम लोगों के लिए सबसे जरूरी सावधानी वज्रपात के समय खुले स्थानों से दूर रहना है। मौसम का पूर्वानुमान लगातार बदल सकता है, इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट सूचनाओं के बजाय मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर भरोसा करना चाहिए।

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